बेवफ़ा तू क्यों है खफ़ा
मेरे मर्ज़ की दवा तू ही बता
ओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा
हर वक्त मेरी आँखें हैं नम
हमनशीं ले के तेरा ग़म
ढूँढता हूँ दिन में तारों को
खोजता हूँ रात नींदों को
क्यों ले लिया सुख चैन मेरा
सिला क्या है मेरा तू ही बता
ओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा …1
तेरे वादे हैं कहाँ
तेरी कसमें हैं कहाँ
हर तरफ़ तू ही तू ही
नज़र आती हो यहाँ
रो रहा है कतरा-कतरा
तू ही बता क्या है मेरी ख़ता
ओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा …2
श्रद्धा से–
**अविनाश कुमार राव**


