बेवफ़ा तू क्यों है खफ़ामेरे मर्ज की दवा तू ही बता ओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा Iहर वक्त मेरी आँखें हैं नमहमनशीं ले के तेरा गमढूँढता हूँ दिन में तारों कोखोजता हूँ रात नींदों को क्यों ले लिया सुख चैन मेरासिला क्या है मेरा तू ही बताओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा …1तेरे वादे हैं कहाँ तेरी कसमें …
सोचो कितनी बड़ी बात हैये तो अभी शुरुआत है। सौ में एक आबाद है,निन्यानबे बर्बाद हैं। फिर भी बर्बादी की,लंबी लगी कतार है। प्रचार पर खर्चे अपारआज यही व्यापार हैं I अंगूर खट्टे हैं फिर भी लाचार हैं I होड़ में शामिल होने की चली बयार है I आधी बात में पूरी सौगात है I …
नव वर्ष आने परपुराना साल जाने कीखुशियाँ मनाते हैंसैर सपाटे जाते हैं | हैं तो वैसे हर दिन नूतनपुराना बदलने नया पहनने कायह है जीवन क्रम | पर, अपने अतीत काअवलोकन कौन करता है ?क्या दिया ?छिना क्या ?कौन रिश्ते बिछड़े ?मिले कौन ?चिंतन यह कौंधती हैं वहाँ,जहाँ कुछ करने की आग जलती हैकुछ करने …
भादों के पहले आए आषाढ़ बिताकर जाए,शिव के नाम से पावन हैमाह वह समझो सावन है। खेतों में हरियाली झूमे, कजरी गीत सुनाए,आते-जाते रिमझिम बूँदों से सुहावन हैमाह वह समझो सावन है। पक कटहल गमगम महके, बागों में लंगड़ा-चौसा आम हैं लटके,जब पेग लगाते झूले करते आमंत्रण हैंमाह वह समझो सावन है। इंतजार है करती …
जिस दिन चाँदइठला रहा होगा,ईश्वर ने हूर कागुरूर तोड़ने कोतुझे रच रहा होगा। जिस महल मेंतेरा वास होगा,शायद अंधकारहिमालय की गुफाओं मेंछिप रहा होगा। जब रात चाँदनिकलता होगा,तुझे देखकरशायद शर्म के मारेबादलों में छिप रहा होगा। जब तुम्हाराबाग़ जाना होगा,तुम्हारी मुस्कान देखशायद गुलाब भीमुरझा रहा होगा। जब तुम्हें चलतेदेखता होगा,शायद हिरनअपना मटकनाभूल गया होगा। तुम्हारी …
तेरे नैनों ने किया है ऐसा असर तेरे नैनों ने किया है ऐसा असरहो गया हूँ मैं बेख़बरबस तुझे ही निहारूँ हर पहरऔर बस, और बस मुझे है तेरी फ़िकर। शुकर-शुकर, हे रब तेरा शुकरबस तुझे ही ढूँढे मेरी नज़र। देखा है तुमको जब सेखोया-खोया हूँ तब सेमाँगता हूँ तुझको रब सेतू है मेरी साँसे, …
हे! श्वेत कमलासिनीमाँ हंस वाहिनीमेरे जीवन के तम दूर करकोना-कोना उजाला से भर दो |हे! शारदे माँ, वर हमें ज्ञान का दो || हे अंबे! वीणापाणि ज्ञान प्रदान कारिणी हमारे अज्ञान हर कर अन्तःकरण विद्या से सम्पूर्ण कर दो | हे! शारदे माँ, वर हमें ज्ञान का दो ||हे! माँ भारतीसुधियों में पूजिनीनष्ट कर विघ्न बाधाहिंदी साहित्य श्रद्धा को उत्तीर्ण कर …