दृश्य : एक
(एक स्कूल के कक्षा 6 का दृश्य)
राजीव:(उत्सुकता से) तुम्हारे पापा क्या काम करते हैं?
अमित: (मुस्कुराकर) मेरे पापा ट्रैफिक पुलिस हैं।
राजीव: (आश्चर्य से) वाह! मैं भी बड़े होकर ट्रैफिक पुलिस ही बनूँगा।
अमित(चौककर) क्यों ?
राजीव: जिसको चाहो रोक लो I ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी के लाइसेंस आदि के लिए रोक दो और फिर देखो, चालान
नहीं तो पैसा ही पैसा I माँगने की जरूरत ही नहीं पड़ती है लोग पैसे पॉकेट में रख देते हैं I
बलबीर: अमित तू क्या बनेगा ?
अमित – नाई ?
अन्य विद्यार्थी – (कक्षा के सब विद्यार्थी हँसते हैं और पूछते हैं ) क्यों ? इसमें क्या मजा है ? इसमें कौन-सा घूस मिलने वाला है ?अमित – इसमें घूस तो नहीं मिलेगा पर, बड़े से बड़े लोगों का भी थोपड़ा पकड़ने, को मिलता है I थोपड़ा पकड़कर जिधर चाहो उधर घुमा दो और तो और ज्यादा नक्सा बनाए तो थोड़ी-सी गलती करके गांधी जी बना दो I सबसे आसान डिजाइन I
कार्तिक – अयाना जानती हो ? बलबीर के पापा क्या करते हैं ?
अयाना – नहीं I
कार्तिक – बलबीर के पापा अध्यापक हैं गणित के I खूब पैसा पीटते हैं I गलती कह दिया, पीटते नहीं, छापते हैं छापते I
अयाना – वो कैसे ?
कार्तिक – ट्यूशन से ? जानती हो सारा विषय पढ़ा देते हैं I फ्रेंच और संस्कृत भी पढ़ा देते हैं I(सब छात्र हँसने लगते हैं I )
(सब छात्र पढ़ने के बाद घर चले जाते हैं I)



