“सूर्य सम्पूर्ण सृष्टि का आधार है। प्रस्तुत कविता में सूर्य के उदय, उसकी ऊर्जा, प्रकाश और जीवनदायी सभी स्वरूप का सुंदर वर्णन किया गया है। यह कविता विद्यार्थियों एवं साहित्य प्रेमियों के लिए सरस बनाने का प्रयास किया गया है I” मनोरम होता है कितनाप्रातः पूर्व अरुणिमा में उगना,जग जगाते हुए उदय होनासूर्य से आलोकित …
