मैं निर्मल एक बूँद हूँ I

जग की आत्मा प्रकृति रचयिता सर्वत्र व्याप्त मैं निर्मल एक बूँद हूँ II पपीहे की प्यास बुझाती, बाँस को बंसलोचन बनाती फसलों में फली लाती सीप में मोती बनाती हूँ मैं निर्मल एक बूँद हूँ II सागर से उठकर नभ में उड़ जाती वाष्प बन कर बादल बनाती एक होकर फिर वही सागर बन जाती …

तू और ठहर ज़रा

न जा, अभी न जा, ठहर और ज़रा दिल कह रहा, तू और ठहर ज़रा I सुन, कुछ गुनगुना रही है हवा यह मौसम भी कुछ कह रहा, धड़कनें क्या कह रही हैं बता मेरा दिल अभी नहीं भरा II दिल कह रहा, तू और ठहर ज़रा Iकुछ नगमें अभी बाकी हैंतेरा ही गीत हूँ …

अब चलें अयोध्या धाम

अब चलें अयोध्या धामजय श्री राम जय श्री राम,सबके मन में एक ही नामजय श्री राम, जय श्री राम || चलें …1रघुकुल के वे चार रत्नराम, भारत, लक्ष्मण, शत्रुघ्नप्रकट भए दशरथ संतानश्रेष्ठ राम आज्ञा के प्रतिमान |जय श्री राम, जय श्री राम || चलें…2निषादराज को सखा बनामाँ शबरी का जूठन खाउनसे मिले भक्त हनुमानकरुणानिधान मर्यादा …

ओ बेवफा, ओ बेवफा

बेवफ़ा तू क्यों है खफ़ा मेरे मर्ज़ की दवा तू ही बता ओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा हर वक्त मेरी आँखें हैं नम हमनशीं ले के तेरा ग़म ढूँढता हूँ दिन में तारों को खोजता हूँ रात नींदों को क्यों ले लिया सुख चैन मेरा सिला क्या है मेरा तू ही बता ओ बेवफ़ा, ओ बेवफ़ा …

सोचो कितनी बड़ी बात है

सोचो कितनी बड़ी बात हैये तो अभी शुरुआत है।सौ में एक आबाद है,निन्यानबे बर्बाद हैं।फिर भी बर्बादी की,लंबी लगी कतार है।प्रचार पर खर्चे अपारआज यही व्यापार हैं Iअंगूर खट्टे हैंफिर भी लाचार हैं Iहोड़ में शामिलहोने की चली बयार है Iआधी बात में पूरी सौगात है Iएक अनार है सौ बीमार हैंकहावत एकदम चरितार्थ है …

नव वर्ष

नव वर्ष आने परपुराना साल जाने कीखुशियाँ मनाते हैंसैर सपाटे जाते हैं | हैं तो वैसे हर दिन नूतनपुराना बदलने नया पहनने कायह है जीवन क्रम | पर, अपने अतीत काअवलोकन कौन करता है ?क्या दिया ?छिना क्या ?कौन रिश्ते बिछड़े ?मिले कौन ?चिंतन यह कौंधती हैं वहाँ,जहाँ कुछ करने की आग जलती हैकुछ करने …

माह वह समझो सावन है

भादों के पहले आएआषाढ़ बिताकर जाए,शिव के नाम से पावन हैमाह वह समझो सावन है।खेतों में हरियाली झूमे,कजरी गीत सुनाए,आते-जाते रिमझिम बूँदों से सुहावन हैमाह वह समझो सावन है।पक कटहल गमगम महके,बागों में लंगड़ा-चौसा आम हैं लटके,जब पेग लगाते झूले करते आमंत्रण हैंमाह वह समझो सावन है।इंतजार है करती पूरे वर्ष बहन,भाई से रक्षा को …